Wednesday, June 24, 2020

हिन्दुत्व एक दर्शन है, हिन्दुत्व एक जीवन पद्धति है

हिन्दुत्व को मजहब के समानार्थी मानकर उसे गलत समझा गया, उसकी गलत व्याख्या की गई, क्योंकि मजहब मात्र पूजा की एक पद्धति है जबकि हिन्दुत्व एक दर्शन है जो मानव जीवन का समग्रता से विचार करता है। हिन्दुत्व एक ऐसा दर्शन है जो मनुष्य की भौतिक आवश्यकताओं के अतिरिक्त उसकी मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक आवश्यकता की भी पूर्ति करता है। कोई व्यक्ति मात्र सुविधाओं की प्राप्ति से प्रसन्न नहीं रह सकता। हिन्दुत्व एक जीवन पद्धति है जो व्यक्ति की सभी वैध आवश्यकताओं और अभिलाषाओं को संतुष्ट करती है ताकि मानवता के सिद्धांतों के साथ प्रसन्न रह सके।

क्या हिन्दुत्व को सच्चे अर्थों में धर्म कहना सही है? इस प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय ने – “शास्त्री यज्ञपुरष दास जी और अन्य विरुद्ध मूलदास भूरदास वैश्य और अन्य (1966(3) एस.सी.आर. 242) के प्रकरण का विचार किया। इस प्रकरण में प्रश्न उठा था कि स्वामी नारायण सम्प्रदाय हिन्दुत्व का भाग है अथवा नहीं ? इस प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री गजेन्द्र गडकर ने अपने निर्णय में लिखा –जब हम हिन्दू धर्म के संबंध में सोचते हैं तो हमें हिन्दू धर्म को परिभाषित करने में कठिनाई अनुभव होती है। विश्व के अन्य मजहबों के विपरीत हिन्दू धर्म किसी एक दूत को नहीं मानता, किसी एक भगवान की पूजा नहीं करता, किसी एक मत का अनुयायी नहीं है, वह किसी एक दार्शनिक विचारधारा को नहीं मानता, यह किसी एक प्रकार की मजहबी पूजा पद्धति या रीति नीति को नहीं मानता, वह किसी मजहब या सम्प्रदाय की संतुष्टि नहीं करता है। बृहद रूप में हम इसे एक जीवन पद्धति के रूप में ही परिभाषित कर सकते हैं – इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं।

रमेश यशवंत प्रभु विरुद्ध प्रभाकर कुन्टे (ए.आई.आर. 1996 एस.सी. 1113) के प्रकरण में उच्चतम न्यायालय को विचार करना था कि विधानसभा के चुनावों के दौरान मतदाताओं से हिन्दुत्व के नाम पर वोट माँगना क्या मजहबी भ्रष्ट आचरण है। उच्चतम न्यायालय ने इस प्रश्न का नकारात्मक उत्तर देते हुए अपने निर्णय में कहा- हिन्दू, हिन्दुत्व, हिन्दुइज्म को संक्षिप्त अर्थों में परिभाषित कर किन्हीं मजहबी संकीर्ण सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता है। इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा से अलग नहीं किया जा सकता। यह दर्शाता है कि हिन्दुत्व शब्द इस उपमहाद्वीप के लोगों की जीवन पद्धति से संबंधित है। इसे कट्टरपंथी मजहबी संकीर्णता के समान नहीं कहा जा सकता। साधारणतया हिन्दुत्व को एक जीवन पद्धति और मानव मन की दशा से ही समझा जा सकता है।

वेबस्टर के अँग्रेजी भाषा के तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय शब्दकोष के विस्तृत संकलन में हिन्दुत्व का अर्थ इस प्रकार दिया गया है :-यह सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विश्वास और दृष्टिकोण का जटिल मिश्रण है। यह भारतीय उप महाद्वीप में विकसित हुआ। यह जातीयता पर आधारित, मानवता पर विश्वास करता है। यह एक विचार है जो कि हर प्रकार के विश्वासों पर विश्वास करता है तथा धर्म, कर्म, अहिंसा, संस्कार व मोक्ष को मानता है और उनका पालन करता है । यह ज्ञान का रास्ता है स्नेह का रास्ता है । जो पुनर्जन्म पर विश्वास करता है । यह एक जीवन पद्धति है जो हिन्दू की विचारधारा है।

अँग्रेजी लेखक केरीब्राउन ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘द इसेन्शियल टीचिंग्स ऑफ हिन्दुइज्म' में अपने विचार इन शब्दों में व्यक्त किये हैं –आज हम जिस संस्कृति को हिन्दू संस्कृति के रूप में जानते हैं और जिसे भारतीय सनातन धर्म या शाश्वत नियम कहते हैं वह उस मजहब से बड़ा सिद्धान्त है जिस मजहब को पश्चिम के लोग समझते हैं। कोई किसी भगवान में विश्वास करे या किसी ईश्वर में विश्वास नहीं करे फिर भी वह हिन्दू है। यह एक जीवन पद्धति, है यह मस्तिष्क की एक दशा है।

डॉ. राधाकृष्णन ने अपनी पुस्तक “द हिन्दू व्यू ऑफ लाईफ" में हिन्दुत्व के स्वभाव का विवरण दिया है। “अगर हम हिन्दुत्व के व्यावहारिक भाग को देखें तो हम पाते हैं कि यह जीवन पद्धति है न कि कोई विचारधारा। हिन्दुत्व जहाँ वैचारिक अभिव्यक्ति को स्वतंत्रता देता है वहीं वह व्यावहारिक नियम को सख्ती से अपनाने को कहता है। नास्तिक अथवा आस्तिक सभी हिन्दू हो सकते हैं, बशर्ते वे हिन्दू संस्कृति और जीवन पद्धति को अपनाते हों। हिन्दुत्व धार्मिक एकरूपता पर जोर नहीं देता, वरन् आध्यात्मिक दृष्टिकोण अपनाता है। इस या उस दृष्टिकोण का अनुयायी कभी भी दुष्ट प्रवृत्ति का अनुगमन नहीं करेगा। वास्तव में व्यावहारिकता, सिद्धांत के पूर्व की स्थिति है। हमारा धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन चाहे जो हो पर इस बात पर सभी सहमत हैं कि हमें अपने हितकारियों के प्रति आभारी और दुर्भाग्यहीनों के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित करनी चाहिए। हिन्दुत्व सामाजिक जीवन पर जोर देता है और उन लोगों को साथी बनाता है जो नैतिक मूल्यों से बँधे होते हैं। हिन्दुत्व कोई संप्रदाय नहीं है बल्कि उन लोगों का समुदाय है जो दृढ़ता से सत्य को पाने के लिये प्रयत्नशील हैं।”

हिन्दू जीवन पद्धति के अनेक विशिष्ट लक्षण हैं। इसके प्रमुख आयाम इस प्रकार हैं

(१) कृतज्ञता : व्यक्तियों एवं अन्य जीवित प्राणियों के प्रति जो हमारे सहयोगी रहे हैं, कृतज्ञता का भाव रखना, हिन्दू जीवन पद्धति है। ईश्वर के किसी रूप अथवा चुनी गई विधि से उपासना का आधार भी यही भावना है। पुन: यही भावना देवताओं के समान माता, पिता एवं शिक्षक के प्रति आदर का आधार है। पति एवं पत्नी के मध् य अटूट बंधन का आधार भी यही कृतज्ञता की भावना है। पुनश्च, यही कृतज्ञता की भावना पेड़-पौधों एवं पशुओं की पूजा की प्रथा, साथ ही दशहरे के आयुध पूजा के दिन, सभी उपकरणों अथवा औजारों जिनसे हम जीविकोपार्जन करते हैं, की उपासना का आधार है। इस भावना के कारण ही गायों, बछड़ों, बैलों की हत्या को निषिद्ध किया गया है, क्योंकि गाय हमें बाल्यावस्था से मृत्यु तक जीवनदायी दूध प्रदान करती है तथा बैल, कृषि एवं परिवहन में हमारी सहायता करते हैं। हम गाय की पूजा, गौमाता के रूप में करते हैं।

(२) परोपकार : दूसरों के प्रति सहृदय होना विशेषकर उनके प्रति जिनको इसकी तत्काल आवश्यकता है। उन्हें भोजन, धन, दवा अथवा अन्य किसी प्रकार की सहायता प्रदान करना ही ईश्वर सेवा है । इसलिए कहा गया है की नर सेवा ही नारायण सेवा है

(३) अहिंसा : साथी मनुष्यों एवं अन्य जीवित प्राणियों को शारीरिक अथवा मानसिक चोट नहीं पहुँचाना।

(४)माता-पिता एवं शिक्षकों के प्रति आदर : प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता-पिता एवं शिक्षक का आदर भक्तिभाव से कर उनकी सेवा ईश्वर के समान ही करनी चाहिये। विशेषत: उसे अपने माता-पिता के अशक्त एवं वृद्ध होने पर देखभाल करनी चाहिये। तथा उन्हें बाहर वृद्धाश्रम (ओल्ड एज रेस्क्यू हाऊसेज) में नहीं ढकेलना चाहिये। यह हिन्दू जीवन पद्धति का एक अति आवश्यक मूल्य है।

(५) स्त्रीत्व के प्रति आदर : स्त्रीत्व को अत्यधिक आदर प्रदान करना, हिन्दू जीवन पद्धति के महत्वपूर्ण मूल्यों में से एक है। स्त्री को कामसुख की वस्तु न मानकर, दैवीय-सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्वीकार किया जाता है। स्वयं की पत्नी को छोड़कर वह भी केवल उसकी पत्नी की भूमिका में, प्रत्येक स्त्री के साथ अपनी माता के समान व्यवहार करना, हिन्दू जीवन पद्धति का अभिन्न अंग है। प्रत्येक स्त्री जिसमें बालिकाएँ भी सम्मिलित हैं, मातृत्व के दैवीस्वरूप में स्वीकार की जाती है। इस मूल्य का विकास एवं संरक्षण ही स्त्रियों पर घात करने की पुरुष की मूल प्रवृत्ति के विरुद्ध सर्वाधिक प्रतिरोधी उपाय है।

(६) करुणा : मनुष्य सहित सभी जीवित प्राणियों के प्रति प्रेम एवं दया भाव रखना चाहिये क्योंकि उनमें से प्रत्येक में हमारी तरह ही आत्मा है और जिसमें परमात्मा (ईश्वर) से विकसित होने वाला समान प्रकाशपुंज निहित है। यही हिन्दू जीवन पद्धति का एक अन्य आयाम है। हिन्दू जीवन पद्धति सरल जीवन तथा पानी, खनिज, वृक्ष एवं वनस्पतियों जैसे प्राकृतिक संसाधनों के न्यूनतम उपयोग पर बल देती है, क्योंकि इनका लाभ सदैव ही सभी जीवित प्राणियों के लिये होना चाहिये।

(७) सच्चा जीवन : अवैधानिक धन का अर्जन न करना, अनैतिक एवं अवैधानिक इच्छाओं की पूर्ति में संलग्न न होना तथा एक सच्चा जीवन बिताना हिन्दू जीवन पद्धति का ही एक अन्य पक्ष है। यह सच्चाई सिद्धांत है केवल नीति मात्र नहीं।

(८) संयम या इन्द्रिय निग्रह : एक मनुष्य को 'आत्म संयम' के गुण का विकास करना चाहिए क्योंकि यही केवल उसके मन को नियंत्रित कर सकता है।मन ही म मनुष्य के सभी अच्छे बुरे कर्मों का स्रोत होय है । व्यक्ति बौद्धिक एवं वित्तीय संसाधनों को इस रूप से नियमित करने हेतु कि इनका उपयोग सदैव अच्छे कार्यों के लिये हो संयम का गुण अति आवश्यक है।

(९) त्रिकोण शुद्धि : व्यक्ति के विचार, वाणी तथा कर्म के बीच सामंजस्य होना चाहिये। इसका अभिप्राय है कि व्यक्ति को वही बोलना चाहिये, जो वह अपने मन में सोचना है और तदनुरूप ही कार्य करना चाहिये। यही शरीर, मन एवं आत्मा की सच्चाई है।

(१०) पारिवारिक जीवन: एक पुरुष एवं स्त्री के मध्य विवाह के माध्यम से निर्मित पति-पत्नी के संबंधों की पवित्रता, जिससे परिवार अस्तित्व में आता है तथा इसके बीच संबंधों का अटूट होना ही हिन्दू जीवन पद्धति में प्रतिपादकों द्वारा प्रदत्त सुदृढ़ आधार है। उस पर ही सामाजिक जीवन संरचित है। अत: पारिवारिक जीवन की सर्वोच्च महत्व दिया गया है। यह कहा जाता है कि 'जो अच्छा पारिवारिक जीवन बिता रहे हैं उन पर दैवी कृपा है।' इसी काल में व्यक्ति को अर्थोंपार्जन के एवं परिवारयापन, सभी अर्जन न करने वाले परिवारिक सदस्यों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना, साथ ही समाज की भी किसी व्यवसाय अथवा व्यापार अथवा कार्य द्वारा सेवा करना तथा बच्चे पैदा करना, उन्हें बड़ा करना एवं अच्छे नागरिक के रूप में उन्हें ढालना – जैसे उत्तरदायित्वों का वहन निर्विघ्न करना पड़ता है। परिवार के अन्य उत्तरदायित्व—अतिथि सत्कार, जरूरतमंदों की सहायता तथा सर्वजन हिताय कर्म भी रहे हैं।

(११) माता की संकल्पना : माँ (माता) को ईश्वर के समान, सर्वोच्च पद इसलिये दिया जाता रहा है, क्योंकि वह व्यक्ति को जन्म देती है, उसका पालन-पोषण करती है, अपने बच्चों के कल्याण एवं भलाई के लिये, अपनी माता से बढ़कर दूसरा कोई प्यारा नहीं है। सभी स्त्रियों को माता के समकक्ष ही स्थान दिया गया है। माता के प्रति कृतज्ञता की भावना का विस्तार पृथ्वी तक समाहित है। जो कि हमें वह सब कुछ प्रदान करती है जिसकी हमें आवश्यकता है अत: उसकी पूजा ' भू-माता' के रूप में की जाती है। इसी प्रकार की भावना मातृभूमि (मदरलैण्ड) शब्द से प्रस्फुटित होती है। इस कारण हिन्दू जीवन पद्धति में किसी का अपना देश केवल धन या संपति का द्योतक नहीं होता है, वरन् इसे इसे माता के स्थान पर रख गया है । इसलिए भारतीय भारत को भारत माता मानते है । केवल एक जयघोष 'भारत माता की जय' या 'वन्दे मातरम्' इस भूमि के सभी जनों को उनकी भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र इत्यादि के विभेद के होते हुये भी इसी कारण प्रेरित करता है और एकता सूत्र में जोड़ता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्रीगुरुजी ने हमारी मातृभुमि के प्रति हमारे स्नेह की व्याख्या करते हुये इस प्रकार कहा है- 'किसी की माता कितनी भी आकर्षणविहीन, अशिक्षित अथवा अन्य रूप में अशक्त हो, वह पृथ्वी पर सवाधिक प्यारी है। भारत माता के प्रति यही हमारी मान्यता है। '

प्रत्येक हिन्दू (भारतीय) मातृत्व को अत्यन्त महत्व देता है और उसमें स्वमाता (अपनी माता) के प्रति गहन आदर होता है। स्त्री-माता (माता के रूप में स्त्री), भू-माता (पृथ्वी माता) तथा भारत माता (उन लोगों के लिये जिनकी मातृभुमि भारत से पृथक है उनके लिये वह देश) इसी कारण से एक हिन्दू जो भी देश उसकी मातृ-भूमि हो उस देश के प्रति निष्ठावान होता है। यह हिन्दू जीवन पद्धति का एक विशेष गुण अथवा लक्षण है। इससे भी अधिक गाय जो हमें दूध देती है उसे भी माता के स्थान पर स्थापित किया गया है और ' गौमाता' कहा जाता है। हिन्दुओं के द्वारा खाद्य सामग्री के रूप में —गोमांस' के निषेध का यही आधार है।

वर्तमान में हिंदुत्व के नाम पर सिर्फ हिन्दू धर्म को मानना ही हिन्दुत्व कहलाता है परन्तु इसकी परिभाषा इससे भी कही ज्यादा विस्तृत है। वर्तमान में साम्यवादियों एवं सर्क्युलर वादियों द्वारा हिंदुओं के चरमपंथियो या कट्टरपंथी होने के आरोप लगाये जा रहे हैं क्योंकि वह क्या खुद हिन्दू ही हिंदुत्व का अर्थ नहीं जानता अथवा अन्य जन साजिश के तहत मौन।

Monday, June 15, 2020

#आत्महत्या #गौमाता, #आयुर्वेद एवम #विज्ञान - डा.अमरनाथ कश्यप

वैज्ञानिक हैं तो विज्ञान की बात करेंगे। सुना है कि सुशांत सिंह राजपूत जैसे एक खास आदमी ने सुसाइड कर लिया। जब तक आप इस खास सुसाइड का विश्लेषण करें हम आपको एक वैज्ञानिक सत्य बताते हैं। सुनो।

चार जीन खोजे गए हैं। इनका नाम है - SP110, AGBL2, SUCLA2, and APH1B

तुम लोग नाम के चक्कर में न पड़ो। वो हम वैज्ञानिको पर छोड़ दो।

तुम लोग बस यह जानो कि ये चारों जीन जब डिफेक्टेड हो जाते हैं तो इंसान सुसाइड कर लेता है। यह वैज्ञानिक सिद्ध सत्य है।

इनके अलावा 18 जीन और हैं जिनमें गड़बड़ होने पर इंसान आत्महत्या करता ही करता है।

जीन में क्या गड़बड़, क्यूँ गड़बड़, कैसी गड़बड़ यह सब भी आप हम वैज्ञानिको पर छोड़ दो।

आपको जो जानना है वो यह है कि इन 18 आत्महत्या से सम्बंधित जीनों में से 15 inflammation अर्थात (इसको आप आंतरिक शोथ, रेडनेस, सूजन जैसा कुछ कह सकते हैं) से सम्बंधित हैं। मतलब यह कि जब शरीर में अंदर ही अंदर inflammation हो जाते हैं तो ये सुसाइड के जीन एक्टिवेट हो जाते हैं।

सीधी सी बात है कि शरीर का आंतरिक inflammation सुसाइड को प्रेरित करता है।

और जैसा कि आपको विदित है, हल्दी दूध (वो भी गौ माता का) inflammation के लिए अमृत समान है। आंतरिक शोथ, सूजन, रेडनेस इत्यादि को तुरंत हील करता है।

मतलब साफ है, हल्दी दूध सुसाइडल मेंटेलिटी का अद्भुत इलाज है।

अगर ये वाले हीरो जी गलती से ही सही, हल्दी दूध पी रहे होते तो आत्महत्या न करते।

इनकी छोड़ो। पूरे विश्व में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है। 10 लाख लोग हर साल आत्महत्या कर लेते हैं। इन 10 लाख में से 30% अर्थात 3 लाख भारत और चीन में प्रतिवर्ष आत्महत्या कर लेते हैं।

इन 10 लाख लोगों को रोज हल्दी दूध दिया जाए तो इनको असमय मृत्यु से बचाया जा सकता है।

यह है भारतीय आयुर्वेद का विज्ञान कनेक्शन। बाकी सब माया है। और माया हम जैसे आयुर्वेद के सेवको के पास नहीं मैक्स वालों के पास जाती है। भाई, मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर इस पोस्ट को पढ़ने के बाद कोई मायापति एन्टी सुसाइडल पीले पीले गौ मिल्क का 50 ml का पैक लांच कर दे जिसको आप 200 रुपये का खरीदकर अपने डिप्रेस्ड होनहार को पिलाना चाहें।

डा.अमरनाथ कश्यप
नेचुरोपैथीस्ट कानपुर
मो. 9651790505

Monday, June 8, 2020

कॉन्वेंट स्कूल हमारे संस्कार नहीं हमारी संस्कृति नहीं - चन्द्र भूषण मिश्र "कौशिक"

मेरा यह कहना और गाय माता व राष्ट्रभक्ति वाली समझ के साथ प्राचीन संस्कृति से गुरुकुल तक का शैक्षणिक  शिक्षा का पक्षकारी करना आपको एक पिछड़ापन सा सोच समझ लग सकता हैं । पर मेरे लिए तो यही हमारा गौरव हैं ,और यही हमारी भारतीयता की आबाद ,आजाद व आदर्श संस्कृति भी हैं ।
यह मैं बेवजह नहीं कह रहा हूँ :---बल्कि इस लिए कह रहा हूँ की आप यह मानकर  मत बैठिए की  गुलांमी की शिक्षा पद्ध्यति  में  आज का शिक्षित  कभी न कभी जाग कर भारत के संस्कार और संस्कृति का पक्षधर हो  अपने आप ही जाग जायेगा ।

ऐसा कुछ नहीं होने वाला क्यों की अगर कोई जागना भी चाहेगा तो यह गुलाम शिक्षा नीति उसे जागने नही देगी ।
शून्य हो चुकी चेतना को समझाना और विश्वास दिलाना तब तो और भी कठिन हो जायेगा जब बचे खुचों से भी यह स्मृति गायब हो जायेगी की हमारी सभ्यता स्वयं में प्राचीन और सबसे विकसित एक सर्वश्रेष्ठ सभ्यता हैं ।

जब तक  शिक्षा  में आर्थिक समझ  और उपभोगवादिता से अंग्रेजियत समझ को बिना जाने सुने,समझे  हमें उसे  श्रेष्ठ मानने को शिक्षा की सार्थकता समझाया जाता रहेगा तब तक  भारतीय सभ्यता ,संस्कार ,संस्कृति ,प्रकृति पर हमारा विश्वास कैसे संभव होगा मैं तो नहीं समझ पाता । अगर कभी मेरी बात गहराई से समझने  की इच्छा हो तो इस प्रकार से समझिएगा । भारत के आजाद इतिहास में गांधी जी और नेहरू जी से योग्य और बौद्धिक प्रभाव का कोई अब तक खड़ा  नहीं हो सका या कह लें अब तक किसी को खड़ा नही होने दिया गया  । इसलिए गांधी जी और नेहरू जी  जैसे महान लोगों को  यहा उदाहरण स्वरूप समझा मैं अपनी अगली बात कहना चाहूंगा ।
विदित हो की गांधी जी और नेहरू जी मूलतः भारतीय थे भारत की आजादी के लिए संघर्षरत चेहरा  थे  शिक्षित और उच्च विदेशी शिक्षा से शुशोभित बौद्धिक सामाजिक ,राजनैतिक जनमान्य में  एक प्रमुख हस्ताक्षर  भी  थे फिर भी वो भारत के महानता को समझने में असमर्थ थे और भारतीयता के सनातनीय सभ्यता  पद्ध्यति को स्वीकारने  मानने पर असहज भी ।

उनकी राष्ट्र भक्ति और हमारी राष्ट्र भक्ति में न चाहते हुए  एक भेद बना रहा आखिर ऐसा क्यों ?
क्या उनकी आजादी और हमारी आजादी में ही भेद था या वो जिस भारत की खोज में थे वो आजाद  भारत नाम से मिलने वाली आजादी में हम सब को गुलांमी की बू आती रही । इस आपसी  विरोध और असहमति के पीछे कुछ तो  कारण होगा !

 इन सब सवालों को  लेकर  गांधी जी नेहरू जी व इनके समतुल्यओं को दोषी मानना बिलकुल ही सही नहीं क्यों की मेरा मानना हैं  गांधी जी और नेहरू जी की शिक्षा भले ही  अलग तकनीक की रही हो पर उनकी नियत और मंशा तो  कभी गलत नही होगी !
शायद वो कान्वेंट की समझ से शिक्षित थे -----और हम गुरुकुल से ----।
।।वो भारत एक खोज थे तो हम भारत एक बोध ।।
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अब आप कंहेगे की यह कान्वेंट शब्द कौन सी नई बला हैं जो भारत और भारतीयता को प्रभावित करती हैं ।
तो आइये ! जानते हैं यह कान्वेंट क्या होता हैं ?
ध्यान से देखे व समझे तो कान्वेंट स्कूलों के मकड़जाल में फसाया गया भारत ,  ---आजादी के बाद भी इस मकड़जाल से नहीं निकल सका ।
कान्वेंट हमारा शब्द भी नहीं  न तो इससे जुडी हुयी हमारे पास कोई  भाव भावना ही हैं । हमारी संस्कृति  हमारा  संस्कार भी इससे मिलता जुलता  नही फिर भी हम इस प्रकार की शिक्षा का  आज भी गुलाम् बने हुए  हैं ।
जानते हैं क्यों ? क्यों की हममें इन साजिशों का कभी बोध ही नहीं रहा या कह ले जिन्हें बोध कराना चाहिए था उनको इस प्रकार की चेतना पर कभी विश्वास ही नही रहा वो कभी इसके लिए सजग ही नही रहे ।
बिना जाने समझे कान्वेंट शब्द पर गर्व करना हमारी पहली गलती रही तो अपने संस्कार और संस्कृति को भूल आजादी के बाद भी दूसरे के पीछे भागते लोगो के पीछे चलना हमारी दूसरी गलती रही ।

इसको समझने के लिए हैं मैं समझाना चाहूंगा कि ----
👍क्या हैं यह कान्वेंट!:-----
 ब्रिटेन में एक कानून था जिसमें स्त्री व पुरुष लिव इन रिलेशनशिप के नाम पर बिना किसी वैवाहिक संबंध के पति पत्नी के रिश्तों में रह सकते थे ऐसे में शाररिक संबंधों का बनना सौभाविक था ,इस प्रक्रिया में अनचाहे संतानों का पैदा होना भी व्यवहारिक था अब वो पैदा  बच्चें क्या हों ? तो ऐसी स्थिति में लोग ऐसे बच्चों को चर्च में छोड़ने लगे । अब ब्रिटेन के सामने एक समस्या हुयी की इन बच्चों का क्या किया जाय  ? तब वहा की सरकार ने कान्वेंट केंद्र खोले जहा इन  नाजायज बच्चो को अनाथता से बचाया जा सके । इन बच्चों को कृतिम देख रेख के लिए वहा फादर ,मदर व सिस्टर की नियुक्ति की गई । काहे की ---उन बच्चों के पास प्रत्यक्ष न तो वास्तविक पिता थे न वास्तविक माँ न कोई बहन --------#तब #जा #कर #बना #इन #नाजायज #बच्चो #के #लिए #जायज  #कान्वेंट #केंद्र ।

1609 में पहला कान्वेंट स्कूल इंग्लैण्ड के एक चर्च में खुला जब की भारत में पहला कॉन्वेंट स्कूल कलकत्ता में 1842 में खोला गया तब तो हम सब गुलाम थे । पर आज गांधी नेहरू के आजाद भारत में हम कॉन्वेंट प्रेमी हैं या कह ले लाखों की संख्या में कॉन्वेंट स्कूलों को स्वीकारें हुए हैं : इतना ही नहीं इन विचारों के रोकथाम करने की जगह इनके  लिए  अपने देश में उच्च शिक्षा तक की व्यवस्था  अनैतिक विचारों को प्रोत्साहित करते हुए  हमने ही की हैं ।

पिता के अनुशासन संस्कार से विहीन माता के पालन संस्कार से हीन सामाजिक संस्कृति से वंचित राष्ट्र और राष्ट्रवाद से अनभिज्ञ ये कॉन्वेंट से निकले बच्चे हमें हमारे ज्ञान ,विज्ञान ,संस्कार ,संस्कृति के आदर्श केंद्र गुरुकुल के लोगो को कुछ भी कह सकते हैं । क्यों की इनके पास रिश्तों का कोई इतिहास नहीं हैं कोई बोध ज्ञान नहीं हैं ।
मैकाले ने अपने पिता को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें उसने कुछ ऐसा ही  लिखा था :--इन कान्वेंट स्कूलों से ऐसे  बच्चे निकलेंगे जो देखने में तो भारतीय होंगे(मतलब  गांधी ,नेहरू होंगे )  लेकिन दिमाग से अंग्रेज होंगे ।इन्हें अपने देश के बारे में कुछ पता नहीं होगा ।इनको अपने संस्कृति के बारे में कुछ पता नहीं होगा ।इनको अपने परंपराओं के बारे में कुछ पता नहीं होगा ।

इनको अपने मुहावरे नहीं मालूम होंगे ,जब ये पीढ़ी  आगे होंगी  उस समय देश से अंग्रेज भले ही चले जाएं पर इस देश पर से अंग्रेजियत कभी नहीं जाएगी । यानि तब तक ये फसल हमारी गुलांमी को  मान्य व स्वीकार हमारे हो चुके होंगे । अपने संस्कार और संस्कृति को उजाड़ फेकने को हमारे लिए तैयार हो  चुके होंगे ।

यह सब जानकर समझकर अब नहीं तो कब जागेगा भारत आप भी पूछिये -- अपनी आत्मा से  एक बार यह सवाल -
विश्व गुरु भारत क्यों अब भी हैं गुलाम् ?

भारत माता की जय ।
चन्द्र भूषण मिश्र "कौशिक"

Sunday, June 7, 2020

क्या वास्तव में डर का माहौल है…क्या हिंदुत्व बड़ी निर्दयी चीज है ?

जिस हिंदुत्व का रोना रोकर पाकिस्तान से लेकर भारत तक ये वाममार्गी इसे खतरनाक जताने की कोशिश करते हैं उसका न तो दहशतगर्दी का अतीत है, न वर्तमान। फिर भी वही है खतरा। सवाल तो ये उठना चाहिए कि अगर इस्लाम पाकिस्तान सहित कितने ही दूसरे देशों का आधिकारिक धर्म हो सकता है और बहुत से देशों का राष्ट्रीय धर्म ईसाई धर्म है, तो हिंदुत्व/हिंदू भारतीय जीवनशैली/धर्म क्यों नहीं हो सकती/सकता ?

‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ की विशुद्ध संगीतमयता के साथ छद्म मानवाधिकार, उदारता, सेक्युलरिज्म आदि थीम के गीत गाए जाते हैं। इनका सुर एक इसलिए है क्योंकि इन सबको, चाहे वो पाकिस्तान हो या हमारे देश की सेवाभावी पार्टियाँ, इन्हें एक ही चीज से खतरा है और वो है हिंदुत्व।

ये तो उल्टा मुस्लिम देशों से उत्पीड़ित होकर आए हिन्दुओं को भी भारत में शरण देने का विरोध कर रहे हैं। फिर हिंदू किस देश में जाएगा? CAA के विरोध में ये लोग सड़कों पर ऐसे जम गए जैसे इस सड़क के संवैधानिक बैरिकेड्स हों। इस विरोध का सीधा सपाट मतलब यही है कि पाकिस्तान ने तुम्हें निकाल दिया, हिन्दुस्तान में हम तुम्हें रहने नहीं देंगे।

जिसे देखो वही हमें बिन माँगी सीख देने आ जाता है। अतिथि बनकर दूसरों के घर में लूट मचाने वाले अंग्रेज हमें कहते रहे कि हम असभ्य हैं, इसलिए वो हमें सभ्यता सिखाने आए हैं और हम में से बहुत से मान भी गए। जिस भारत ने दुनिया को विकसित हड़प्पा सभ्यता दी, उस पर हड़पने की सभ्यता थोंप दी गई और उस पर भी तुर्रा ये कि हम पिछड़े और वो सभ्यता के ब्रह्मा, विष्णु, महेश।

इस भारत धरा पर अब एक पाखंड खंडिनी ध्वजा राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी गाड़ने की जरूरत है, ताकि इन दोहरे मानदंडों के पाखंड को सोचने पर मजबूर किया जा सके। ‘कंटकेनैव कंटकम्’ मतलब ये कि काँटा, काँटे से ही निकलता है, कॉटन से नहीं। इन कुतर्की लोगों को इन्हीं की भाषा में जवाब देना होगा। ये तभी संभव है जब भारत का नागरिक जागरूक और न्यायशील बनेगा।

ऋषि दयानंद ने मनुष्य की परिभाषा बताते हुए लिखा है, “मनुष्य उसी को कहना जो मननशील होकर अपने समान औरों के सुख-दुःख और हानि-लाभ को समझे। अन्यायकारी बलवान से कभी न डरे और धर्मात्मा निर्बल से भी डरता रहे।” इसलिए मनुष्य बनें और बिना डरे अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का उपयोग करें। हमारी स्वाभाविक उदारता, अतिथि सत्कार और सहिष्णुता का मानव मूल्यों से रहित स्वार्थी ताकतों ने हमेशा गलत फायदा उठाया है। हमें ये सुनिश्चित करना है कि अब ऐसा न हो।

हो सकता है कि कुछ युवाओं को इस जागरूकता अभियान में शामिल होना पिछड़ापन लगे, क्योंकि ज्यादातर पढ़े-लिखे युवा ही इस वामपंथी मायाजाल में जकड़े हुए हैं। लेकिन हमें ये भी याद रखना चाहिए कि बदलाव के मोड़ पर ये संशय एक आम बात है, जिसमें व्यक्ति का निर्णय ही उसे सही या गलत साबित करता है।

क्या आपको भी लगता कि डर का माहौल है… क्योंकि हिंदुत्व बड़ी निर्दयी चीज है, इसका मतलब इससे ज्यादा लचक तो आतंकवाद में है।

योगेश तरेहन -

Thursday, June 4, 2020

क्या आप कर्नाटक के फल बेचने वाले हरेकाला हजब्बा को जानते कि जिन्हें वर्ष 2019 में पद्मश्री पुरस्कार मिला

इंसान अपने रुतबे, पैसे और शोहरत से ज्यादा इंसानियत के जज्बे से दिलों में जगह बनाता है. कर्नाटक के फल बेचने वाले हरेकाला हजब्बा (Harekala Hajabba) भी ऐसा ही नाम हैं, जिन्हें भारत सरकार की ओर से 2019 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।

हरेकाला हजब्बा मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। वो अपने इलाके में संतरा बेचने का काम करते हैं। हरेकाला हजब्बा कर्नाटक में दक्ष‍िण कन्नड़ा के गांव न्यू पाड़ापू में रहते हैं। उनकी वर्तमान में आयु 69 साल है। बचपन से मुफलिसी के साए में रहे हरेकाला को हमेशा स्कूल न जा पाने का गम सताता रहा। इसी गम ने उन्हें कुछ अलग करने की प्रेरणा दी।

हरेकाला हजब्बा ने तय किया कि क्या हुआ अगर मैं स्कूल नहीं जा पाया। उन्होंने अपनी कमाई स्कूल बनाने में  लगा दी। हरेकाला ने ने बताया कि एक बार एक विदेशी ने मुझसे अंग्रेजी में फल का दाम पूछा, मुझे अंग्रेजी नहीं आती थी इसलिए मैं उसे रेट नहीं बता सका। उस वक्त पहली बार मैंने खुद को असहाय महसूस किया।

हरेकला हजब्बा के गांव नयापड़ापु में स्कूल नहीं था। उन्होंने पैसे बचाकर सबसे पहले स्कूल खोला। जैसे-जैसे छात्रों की संख्या बढ़ती गई, उन्होंने कर्ज भी लिया और बचत का इस्तेमाल कर स्कूल के लिए जमीन खरीदी। हर दिन 150 रुपये कमाने वाले इस व्यक्त‍ि के जज्बे ने ऐसा जादू किया कि उनका स्कूल आज प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज के तौर पर अपग्रेड होने की तैयारी कर रहा है।

हमें हरेकाला हजब्बा जैसे जनों से सीखना चाहिए कि साधारण जन जब ठान ले तो असाधारण कार्य कर सकते।

संकलन - योगेश तरेहन - संस्थापक (परिवर्तन योगेश)

Wednesday, June 3, 2020

नेहरू-गाँधी फॅमिली ट्री ने सिर्फ अपने नाम व पैसे के लिए काम किया नाकि देश व समाज हेतु

 मैं आपको अंतिम पंक्ति तक पढ़ने के लिए चुनौती देता हूं प्रयास करें .......
1. राजीव गांधी गोल्ड कप कबड्डी टूर्नामेंट
2. राजीव गांधी सदभावना रन
3. राजीव गांधी फेडरेशन कप बॉक्सिंग चैंपियनशिप
4. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट (फुटबॉल)
5. एनएससीआई - राजीव गांधी रोड रेस, नई दिल्ली
6. राजीव गांधी बोट रेस, केरल
7. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय कलात्मक जिम्नास्टिक टूर्नामेंट
8. राजीव गांधी कबड्डी मीट
9. राजीव गांधी मेमोरियल रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप
10. राजीव गांधी मेमोरियल मैराथन दौड़, नई दिल्ली
11. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशिप, चंडीगढ़
12. राजीव गांधी मेमोरियल ट्रॉफी फॉर बेस्ट कॉलेज, कालीकट
13. राजीव गांधी ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट, अमेठी में राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया
14. राजीव गांधी गोल्ड कप (अंडर -21), फुटबॉल
15. राजीव गांधी ट्रॉफी (फुटबॉल)
16. उत्कृष्ट खेलों के लिए राजीव गांधी पुरस्कार
17. दिल्ली राज्य द्वारा आयोजित अखिल भारतीय राजीव गांधी बास्केटबॉल (बालिका) टूर्नामेंट
18. दिल्ली राज्य द्वारा आयोजित अखिल भारतीय राजीव गांधी कुश्ती गोल्ड कप
19. राजीव गांधी मेमोरियल झोपड़पट्टी फुटबॉल टूर्नामेंट, राजुरा
20. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय आमंत्रण गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट, जमशेदपुर
21. राजीव गांधी मिनी ओलंपिक, मुंबई
22. राजीव गांधी बीचबॉल कबड्डी फेडरेशन
23. राजीव गांधी मेमोरियल ट्रॉफी प्रेरणा फाउंडेशन
24. अंतर्राष्ट्रीय इंदिरा गांधी गोल्ड कप टूर्नामेंट
25. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट
26. इंदिरा गांधी बोट रेस
27. जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट
28. जवाहरलाल नेहरू हॉकी टूर्नामेंट

* स्टेडियम *:
1. इंदिरा गांधी खेल परिसर, दिल्ली
2. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली
3. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली
4. राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम, बवाना
5. राजीव गांधी राष्ट्रीय फुटबॉल अकादमी, हरियाणा
6. राजीव गांधी एसी स्टेडियम, विशाखापत्तनम
7. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, पांडिचेरी
8. राजीव गांधी स्टेडियम, नाहरगुन, ईटानगर
9. राजीव गांधी बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम, कोचीन
10. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, कदवंतरा, एर्नाकुलम
11. राजीव गांधी खेल परिसर, सिंघू
12. राजीव गांधी मेमोरियल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गुवाहाटी
13. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, हैदराबाद
14. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, कोचीन
15. इंदिरा गांधी स्टेडियम, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
16. इंदिरा गांधी स्टेडियम, ऊना, हिमाचल प्रदेश
17. इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम, विशाखापत्तनम
18. इंदिरा गांधी स्टेडियम, देवगढ़, राजस्थान
19. गांधी स्टेडियम, बोलंगीर, उड़ीसा
20. जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, कोयंबटूर
21. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून
22. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, चेन्नई
23. नेहरू स्टेडियम (क्रिकेट), पुणे

* हवाई अड्डे / बंदरगाह *:
1. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, शमशाबाद, हैदराबाद, तेलंगाना
2. राजीव गांधी कंटेनर टर्मिनल, कोचीन
3. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली
4. इंदिरा गांधी डॉक, मुंबई
5. जवाहरलाल नेहरू नवीन शेवा पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई

विश्वविद्यालय / शिक्षा संस्थान:
1. राजीव गांधी भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग
2. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स, रांची, झारखंड
3. राजीव गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय, गांधी नगर, भोपाल, म.प्र।
4. राजीव गांधी स्कूल ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ, खड़गपुर, कोलकाता
5. राजीव गांधी विमानन अकादमी, सिकंदराबाद
6. राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, पटियाला, पंजाब
7. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान, तमिलनाडु युवा मामले और खेल मंत्रालय
बजटीय आवंटन 2008-09 - 1.50 करोड़
बजटीय आवंटन 2009-10 - 3.00 करोड़
8. राजीव गांधी विमानन अकादमी, बेगमपेट, हैदराबाद, ए.पी.
9. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, कोट्टायम, केरल
10. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, चंद्रपुर, महाराष्ट्र
11. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, ऐरोली, नवी मुंबई, महाराष्ट्र
12. राजीव गांधी विश्वविद्यालय, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश
13. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, चोल नगर, बैंगलोर, कर्नाटक
14. राजीव गांधी प्राउडियोगी विश्व विद्यालय, गांधी नगर, भोपाल, म.प्र।
15. राजीव गांधी D.e.d. कॉलेज, लातूर, महाराष्ट्र
16. राजीव गांधी कॉलेज, शाहपुरा, भोपाल
17. राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी समकालीन अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली
18. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, रायबरेली, यू.पी.
19. राजीव गांधी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, भोपाल, म.प्र।
20. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज, पूर्वी गोदावरी जिला, ए.पी.
21. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, ठाकुर, कर्नाटक
22. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेस, पांडिचेरी, तमिलनाडु
23. राजीव गांधी आईटी और जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय विद्यापीठ
24. राजीव गांधी हाई स्कूल, मुंबई, महाराष्ट्र
25. राजीव गांधी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, सतना, म.प्र।
26. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, श्रीपेरंबुदूर, तमिलनाडु
27. राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र, नागपुर विश्वविद्यालय के आर.टी.एम.
28. राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम, केरल
29. राजीव गांधी महाविद्यालय, मध्य प्रदेश
30. राजीव गांधी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, इलाहाबाद, यू.पी.
31. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर, कर्नाटक
32. राजीव गांधी सरकार। पीजी आयुर्वेदिक कॉलेज, पपरोला, हिमाचल प्रदेश
33. राजीव गांधी कॉलेज, सतना, म.प्र।
34. राजीव गांधी अकादमी फॉर एविएशन टेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम, HB GB HDD gv gv c dc fc केरल
35. राजीव गांधी मध्य विद्यालय, महाराष्ट्र
36. राजीव गांधी समकालीन अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली
37. राजीव गांधी सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप
38. राजीव गांधी औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र, गांधीनगर
39. राजीव गांधी ज्ञान प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश
40. राजीव गांधी दूरस्थ शिक्षा संस्थान, कोयम्बटूर, तमिलनाडु
41. राजीव गांधी सेंटर फॉर एक्वाकल्चर, तमिलनाडु
42. राजीव गांधी विश्वविद्यालय (अरुणाचल विश्वविद्यालय), ए.पी.
43. राजीव गांधी स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर (RGSMC), केरल
44. राजीव गांधी विज्ञान केंद्र, मॉरिटस
45. राजीव गांधी कला मंदिर, पोंडा, गोवा
46. ​​राजीव गांधी विद्यालय, मुलुंड, मुंबई
47. राजीव गांधी मेमोरियल पॉलिटेक्निक, बैंगलोर, कर्नाटक
48. राजीव गांधी मेमोरियल सर्कल दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (भारत), चेन्नई
49. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कासगोड, केरल
50. राजीव गांधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ एरोनॉटिक्स, जयपुर
51. राजीव गांधी मेमोरियल फर्स्ट ग्रेड कॉलेज, शिमोगा
52. राजीव गांधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जम्मू और कश्मीर
53. राजीव गांधी साउथ कैंपस, बरकछा, वाराणसी
54. राजीव गांधी मेमोरियल टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, झारखंड
55. राजीव गांधी डिग्री कॉलेज, राजमुंदरी, ए.पी.
56. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नई दिल्ली
57. इंदिरा गांधी विकास और अनुसंधान संस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र
58. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून
59. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अकादेमी, फुर्सतगंज एयरफील्ड, रायबरेली, उत्तर प्रदेश
60. इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान, मुंबई
61. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, उड़ीसा
62. इंदिरा गांधी बी.एड. कॉलेज, मैंगलोर
63. श्रीमती। इंदिरा गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, नांदेड़, महाराष्ट्र
64. इंदिरा गांधी बालिका निकेतन बी.एड. कॉलेज, झुंझुनू, राजस्थान
65. इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़
66. श्रीमती। इंदिरा गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नवी मुंबई, महाराष्ट्र
67. श्रीमती। इंदिरा गांधी कोलज, तिरुचिरापल्ली
68. इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर, मध्य प्रदेश
69. इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, कश्मीरी गेट, दिल्ली
70. इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, सारंग, जिला। धेनकनाल, उड़ीसा
71. इंदिरा गांधी एयरोनॉटिक्स संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र
72. इंदिरा गांधी इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर, नई दिल्ली
73. इंदिरा गांधी शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान संस्थान, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
74. इंदिरा गांधी हाई स्कूल, हिमाचल
75. इंदिरा कला संघ विश्व विद्यालय, छत्तीसगढ़
76. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
77. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुकटपल्ली, आंध्र प्रदेश
78. नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग, उत्तरकाशी
79. पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यावसायिक प्रबंधन संस्थान, विक्रम विश्वविद्यालय
80. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
81. जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बैंगलोर
82. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुकटपल्ली, एपी
83. जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज औरंगाबाद, महाराष्ट्र में
84. जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च, एक डीम्ड यूनिवर्सिटी, जक्कुर, पी.ओ. बैंगलोर
85. जवाहरलाल नेहरू सामाजिक अध्ययन संस्थान, तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ (पुणे, महाराष्ट्र) से संबद्ध
86. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एप्लाइड साइंसेज, कोयंबटूर, (ईएसडी 1968)
87. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान, कतरास, धनकवड़ी, पुणे, महाराष्ट्र
88. कमल किशोर कदम, जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज औरंगाबाद, महाराष्ट्र
89. जवाहरलाल नेहरू शिक्षा और तकनीकी अनुसंधान संस्थान, नांदेड़, महाराष्ट्र
90. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, अलीगढ़
91. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हैदराबाद
92. जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय, जबलपुर
93. जवाहरलाल नेहरू बी.एड. कॉलेज, कोटा, राजस्थान
94. जवाहरलाल नेहरू पी.जी. कॉलेज, भोपाल
95. जवाहरलाल नेहरू सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, सुंदरनगर, जिला मंडी, एच.पी.
96. जवाहरलाल नेहरू पब्लिक स्कूल, कोलार रोड, भोपाल
97. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, काकीनाडा, ए.पी.
98. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान, इब्राहिमपट्टी, आंध्र प्रदेश
99. जवाहर नवोदय विद्यालय

2015-16 तक पूरे भारत में 598 जेएनवी

696. जवाहर नवोदय विद्यालय
697. इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च, कल्पक्कम
698. इंदिरा गाँधी विश्वविद्यालय हरियाणा हरियाणा

* पुरस्कार: *
1. राजीव गांधी अवार्ड फॉर आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट
2. राजीव गांधी शिरोमणि पुरस्कार
3. राजीव गांधी श्रमिक पुरस्कार, दिल्ली श्रम कल्याण बोर्ड
4. राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार
5. राजीव गांधी मानव सेवा पुरस्कार
6. राजीव गांधी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार
7. ज्ञान विज्ञान पर मूल पुस्तक लेखन के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार योजना
8. राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार
9. राजीव गांधी राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार, 1991 में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित
10. स्वच्छ गांधी, पर्यावरण और वन मंत्रालय, सरकार के लिए राजीव गांधी पर्यावरण पुरस्कार। भारत की
11. राजीव गांधी ट्रैवलिंग स्कॉलरशिप
12. राजीव गांधी (यूके) फाउंडेशन छात्रवृत्ति
13. राजीव गांधी फिल्म अवार्ड्स (मुंबई)
14. राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार
15. राजीव गांधी पेरिस प्रशस्ति, कर्नाटक
16. राजीवगांधी व्यावसायिक उत्कृष्टता पुरस्कार
17. राजीव गांधी उत्कृष्टता पुरस्कार
18. इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार
19. राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
20. इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी पुरस्कार
21. इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्षमित्र पुरस्कार, पर्यावरण और वन मंत्रालय
22. इंदिरा गांधी मेमोरियल नेशनल अवार्ड फॉरबीस्ट एनवायर्नमेंटल एंड इकोलॉजिकल
23. इंदिरा गांधी पीरवरन पुरशकर
24. इंदिरा गांधी एनएसएस अवार्ड
25. राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
26. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना
27. सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
28. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार द टाउन राजभाषा के लिए
29. इंदिरा गांधी पुरस्कार ”शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए
30. विज्ञान कार्यान्वयन को लोकप्रिय बनाने के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
31. इंदिरा गांधी शिरोमणि पुरस्कार
32. इंदिरा गांधी एनएसएस पुरस्कार / राष्ट्रीय युवा
33. इंदिरा गांधी पीरवरन पुशर पुरस्कार - खोज n सही
34. इंदिरा गांधी N.S.S पुरस्कार
35. सामाजिक सेवा के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार, एमपी सरकार।
36. पोस्ट ग्रेजुएट इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना
37. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना
38. इंदिरा गांधी राजभाषा शील्ड योजना
39. इंदिरा गांधी वन्यजीव संरक्षण चिड़ियाघर के विजन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी।
40. जवाहरलाल नेहरू को हर साल कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को दी जाने वाली 15 लाख रुपये की अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए पुरस्कार दिया जाता है, जिसमें 1988 में फिलिस्तीन लिबरेशन फ्रंट के यासर अराफात और 1965 में यू थान्ट शामिल हैं।
41. सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, रु। का नकद पुरस्कार। उपरोक्त फिल्म की मान्यता में, श्याम बेनेगल को दिसम्बर 89 में दिया गया 20,000।
42. जवाहरलाल नेहरू बालकल्याण सरकार द्वारा प्रत्येक 10 जोड़े को 10,000 रुपये का पुरस्कार। महाराष्ट्र का (TOI-28-4-89)।
43. शैक्षणिक उपलब्धि के लिए जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड, नई दिल्ली
44. ऊर्जा के लिए जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी अनुसंधान पुरस्कार
45. इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग के लिए जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार
46. ​​नेहरू बाल समिति बहादुरी पुरस्कार
47. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडल
48. जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार “1998-99 से, विज्ञान के लोकप्रियकरण के लिए संगठनों (अधिमानतः गैर सरकारी संगठनों) को दिया जाना।
49. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता
50. डीएनए के विकास की अनुसंधान परियोजना के लिए जवाहरलाल नेहरू छात्र पुरस्कार

* छात्रवृत्ति / फैलोशिप: *
1. विकलांग छात्रों के लिए राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना
2. एससी / एसटी उम्मीदवारों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
3. एसटी उम्मीदवारों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना
4. राजीव गांधी फैलोशिप, इग्नू
5. राजीव गांधी विज्ञान प्रतिभा अनुसंधान अध्येता
6. राजीव गांधी फैलोशिप, जनजातीय मामलों का मंत्रालय
7. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दी गई राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना
8. राजीव गांधी फेलोशिप को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के साथ मिलकर राष्ट्रमंडल शिक्षण द्वारा प्रायोजित किया गया
9. राजीव गांधी विज्ञान प्रतिभा अनुसंधान फैलोशिप जवाहरलाल नेहरू सेंटर द्वारा उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान (नवोदित वैज्ञानिकों को बढ़ावा देने के लिए) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और राजीव गांधी फाउंडेशन के साथ मिलकर किया गया।
10. हैबिटेट सेक्टर में राजीव गांधी हुडको फैलोशिप
11. इंदिरा गांधी मेमोरियल फैलोशिप की जाँच
12. फुलब्राइट स्कॉलरशिप का नाम अब फुलब्राइट- जवाहरलाल नेहरू स्कॉलरशिप रखा गया है
13. कैम्ब्रिज नेहरू छात्रवृत्ति, संख्या में 10, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, लंदन में अनुसंधान के लिए, 3 वर्षों के लिए पीएचडी के लिए अग्रणी, जिसमें शुल्क, रखरखाव भत्ता, ब्रिटेन की यात्रा और वापस शामिल हैं।
14. स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप की योजना, सरकार। भारत की।
15. नेहरू शताब्दी (ब्रिटिश) फैलोशिप / पुरस्कार

* राष्ट्रीय उद्यान / अभयारण्य / संग्रहालय *:
1. राजीव गांधी (नागरहोल) वन्यजीव अभयारण्य, कर्नाटक
2. राजीव गांधी वन्यजीव अभयारण्य, आंध्र प्रदेश
3. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, तमिलनाडु
4. इंदिरा गांधी प्राणि उद्यान, नई दिल्ली
5. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिमी घाट पर अनामलाई हिल्स
6. इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान, विशाखापत्तनम
7. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संघालय (IGRMS)
8. इंदिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य, पोलाची
9. राजीव गांधी स्वास्थ्य संग्रहालय
10. राजीव गांधी प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय
11. इंदिरा गांधी मेमोरियल संग्रहालय, नई दिल्ली
12. राज्य सरकार द्वारा औरंगाबाद, महाराष्ट्र में जवाहरलाल नेहरू संग्रहालय खोला गया।
13. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल गैलरी, लंदन
14. जवाहरलाल नेहरू तारामंडल, वर्ली, मुंबई।
15. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों के लिए
* अस्पताल / चिकित्सा संस्थान *:
1. राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, बैंगलोर, कर्नाटक
2. राजीव गांधी कैंसर संस्थान और अनुसंधान केंद्र, दिल्ली
3. राजीव गांधी होम फॉर हैंडीकैप्ड, पांडिचेरी
4. श्री राजीव गांधी कॉलेज ऑफ डेंटल ... साइंस एंड हॉस्पिटल, बैंगलोर, कर्नाटक
5. राजीव गांधी सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी, तिरुवंतपुरम, केरल
6. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बैंगलोर, कर्नाटक
7. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रायचूर
8. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज, बैंगलोर, कर्नाटक
9. राजीव गांधी पैरामेडिकल कॉलेज, जोधपुर
10. राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, ठाणे, मुंबई
11. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कर्नाटक
12. राजीव गांधी अस्पताल, गोवा
13. राजीव गांधी मिशन ऑन कम्युनिटी हेल्थ, मध्य प्रदेश
14. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दिल्ली
15. राजीव गांधी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज, चिनार पार्क, भोपाल, म.प्र
16. उत्तर पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान संस्थान, शिलांग, मेघालय
17. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
18. इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान, बैंगलोर
19. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा, पटना
20. इंदिरा गांधी बाल चिकित्सालय, अफगानिस्तान
21. इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य अस्पताल, धर्माराम कॉलेज, बैंगलोर
22. इंदिरा गांधी बाल संस्थान, बैंगलोर
23. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला
24. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस, केरल
25. इंदिरा गांधी मेमोरियल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, भुवनेश्वर
26. इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नागपुर
27. इंदिरा गांधी आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, कोलकाता
28. इंदिरा गांधी अस्पताल, शिमला
29. इंदिरा गांधी महिला एवं बाल अस्पताल, भोपला
30. इंदिरा गांधी गैस राहत अस्पताल, भोपाल
31. कमला नेहरू अस्पताल, शिमला
32. चाचा नेहरू बाल चिकत्सालय
33. जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER), पुदुचेरी
34. जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, भोपाल
35. रायपुर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज।
36. नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नई दिल्ली
37. नेहरू विज्ञान केंद्र, मुंबई
38. जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, भोपाल
39. पंडित जवाहरलाल नेहरू होम्योपैथिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान, महाराष्ट्र
40. इंदिरा गांधी अस्पताल द्वारका, दिल्ली

* संस्थान / अध्यक्ष / त्यौहार *:
1. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान। (RGNIYD), युवा और खेल मंत्रालय
2. राजीव गांधी नेशनल ग्राउंड वाटर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, फरीदाबाद, हरियाणा
3. आदिवासी क्षेत्रों में राजीव गांधी खाद्य सुरक्षा मिशन
4. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान
5. राजीव गांधी शिक्षा मिशन, छत्तीसगढ़
6. राजीव चेयर एंडोमेंट की स्थापना 1998 में साउथ एशियन इकोनॉमिक्स का चेयर बनाने के लिए की गई
7. राजीव गांधी परियोजना - जमीनी स्तर तक शिक्षा को व्यापक उपग्रह संपर्क प्रदान करने के लिए एक पायलट
8. राजीव गांधी ग्रामीण आवास निगम लिमिटेड (कर्नाटक उद्यम सरकार)
9. राजीव गांधी सूचना और प्रौद्योगिकी आयोग
10. राजीव गांधी शांति और निरस्त्रीकरण के लिए अध्यक्ष
11. राजीव गांधी संगीत समारोह
12. राजीव गांधी मेमोरियल लेक्चर
13. राजीव गांधी अक्षय उर्जा दिवस
14. राजीव गांधी एजुकेशन फाउंडेशन, केरल
15. राजीव गांधी पंचायती राज सम्मेलन
16. राजीव गांधी मेमोरियल एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी, कासगोड, केरल
17. राजीव गांधी मेमोरियल ट्रॉफी इकनिका स्पर्धा, प्रेरणा फाउंडेशन, कारी रोड
18. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली
19. इंदिरा गांधी पंचायती राज और ग्रामीण विकास संस्थान, जयपुर, राजस्थान
20. इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (IGCAR), कल्पक्कम
21. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट एंड रिसर्च, मुंबई
22. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (IGIC), पटना
23. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली
24. इंदिरा गांधी नेशनल फाउंडेशन, तिरुवनंतपुरम, केरल
25. इंदिरा गांधी महिला सहकारी सौत गिरानी लिमिटेड, महाराष्ट्र
26. इंदिरा गांधी संरक्षण निगरानी केंद्र, पर्यावरण और वन मंत्रालय
27. सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति
28. जवाहर शतकरी सहकारी सखार लिमिटेड
29. नेहरू युवा केंद्र संगठन
30. जवाहरलाल नेहरू शताब्दी समारोह
31. जवाहरलाल नेहरू की स्मृति में विभिन्न संप्रदायों के डाक टिकट और एक रुपये के सिक्के।
32. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल ट्रस्ट (U.K.) छात्रवृत्ति
33. जवाहरलाल नेहरू कस्टम हाउस न्हावा शेवा, महाराष्ट्र
34. जवाहरलाल नेहरू केंद्र के लिए। उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, बैंगलोर
35. जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र, भारत का दूतावास, मास्को
36. किशोरियों के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू उद्योग केंद्र, पुणे, महाराष्ट्र
37. पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि और अनुसंधान संस्थान, पांडिचेरी


* सड़कों / भवन / स्थानों: *
1. राजीव चौक, दिल्ली
2. राजीव गांधी भवन, सफदरजंग, नई दिल्ली
3. राजीव गांधी हस्तशिल्प भवन, नई दिल्ली
4. राजीव गांधी पार्क, कालकाजी, दिल्ली
5. इंदिरा चौक, नई दिल्ली
6. नेहरू तारामंडल, नई दिल्ली
7. नेहरू युवा केंद्र, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली
8. नेहरू नगर, नई दिल्ली
9. नेहरू प्लेस, नई दिल्ली
10. नेहरू पार्क, नई दिल्ली नेहरू हाउस, बीएसजेड मार्ग, नई दिल्ली
11. जवाहरलाल नेहरू सरकार हाउस नई दिल्ली
12. राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा पार्क, गुड़गांव, हरियाणा
13. राजीव गांधी चौक, अंधेरी, मुंबई
14. इंदिरा गांधी रोड, मुंबई
15. इंदिरा गांधी नगर, वडाला, मुंबई
16. इंदिरा गांधी खेल परिसर, मुलुंड, मुंबई
17. नेहरू नगर, कुर्ला, मुंबई
18. मुंबई के ठाणे में जवाहरलाल नेहरू उद्यान
19. राजीव गांधी मेमोरियल हॉल, चेन्नई
20. जवाहरलाल नेहरू रोड, वाडापलानी, चेन्नई, तमिलनाडु
21. राजीव गांधी सलाई (राजीव गांधी के नाम पर पुरानी महाबलीपुरम सड़क)
22. राजीव गांधी शिक्षा शहर, हरियाणा
23. पर्वत राजीव, हिमालय की एक चोटी
24. राजीव गांधी आईटी हैबिटेट, गोवा
25. राजीव गांधी नगर, चेन्नई
26. राजीव गांधी पार्क, विजयवाड़ा
27. तमिलनाडु के कोयम्बटूर में राजीव गांधी नगर
28. राजीव गांधी नगर, त्रिची, तमिलनाडु
29. राजीव गांधी आईटी पार्क, हिंजेवाड़ी, पुणे
30. राजीव गांधी पंचायत भव, पालनपुर बनासकांठा
31. राजीव गांधी चंडीगढ़ प्रौद्योगिकी पार्क, चंडीगढ़
32. राजीव गांधी स्मृति वन, झारखंड
33. राजीव गांधी की प्रतिमा, पणजी, गोवा
34. राजीव गांधी रोड, चित्तूर
35. श्रीपेरंबुदूर में राजीव गांधी स्मारक
36. इंदिरा गांधी मेमोरियल लाइब्रेरी, हैदराबाद विश्वविद्यालय
37. इंदिरा गांधी म्यूजिकल फाउंटेन, बैंगलोर
38. इंदिरा गांधी तारामंडल, लखनऊ
39. इंदिरा गांधी भारतीय संस्कृति केंद्र (IGCIC), भारतीय उच्चायोग, मौरिटस
40. इंदिरा गांधी प्राणि उद्यान, भारत के पूर्वी घाट
41. इंदिरा गांधी नहर, रामनगर, जैसलमेर
42. इंदिरा गांधी औद्योगिक परिसर, रानीपेट, वेल्लोर जिला
43. इंदिरा गांधी पार्क, ईटानगर
44. इंदिरा गांधी स्क्वीयर, पांडिचेरी
45. इंदिरा गांधी रोड, विलिंगडन द्वीप, कोचीन
46. ​​इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन, कश्मीर
47. इंदिरा गांधी सागर बांध, नागपुर
48. इंदिरा गांधी पुल, रामेश्वर, तमिलनाडु
49. इंदिरा गांधी अस्पताल, भिवंडी निजामपुर नगर निगम
50. इंदिरा गांधी स्मारक सांस्कृतिक परिसर, यूपी सरकार।
51. इंदिरा गांधी खेल स्टेडियम, रोहड़ू जिला, शिमला
52. इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, भोपाल
53. इंदिरा गांधी नगर, राजस्थान
54. इंदिरा नगर, लखनऊ
55. सड़कें कई शहरों में जवाहरलाल नेहरू के नाम पर हैं उदा। जयपुर, नागपुर, विले पार्ले, घाटकोपर, मुलुंड आदि में।
56. नेहरू नगर, गाजियाबाद
57. जवाहरलाल नेहरू गार्डन, अमरनाथ
58. जवाहरलाल नेहरू गार्डन, पन्हाला
59. जवाहरलाल नेहरू बाजार, जम्मू।
60. जम्मू श्रीनगर राजमार्ग पर जवाहरलाल नेहरू सुरंग
61. नेहरू चौक, उल्हास नगर, महाराष्ट्र।
62. मांडवी, पणजी, गोवा में नेहरू पुल
63. नेहरू नगर गाजियाबाद
64. जवाहरलाल नेहरू रोड, धर्मताल, कोलकाता
65. नेहरू रोड, गुवाहाटी
66. जवाहर नगर, जयपुर
67. नेहरू विहार कॉलोनी, कल्याणपुर, लखनऊ
68. नेहरू नगर, पटना
69. जवाहरलाल नेहरू स्ट्रीट, पांडिचेरी
70. नेहरू बाज़ार, मदनपल्ली, तिरुपति
71. नेहरू चौक, बिलासपुर। एमपी
72. नेहरू स्ट्रीट, पोनमालिपट्टी, तिरुचिरापल्ली
73. नेहरू नगर, एस.एम. रोड, अहमदाबाद
74. नेहरू प्राणि उद्यान, हैदराबाद
75. राजीव गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर), पुणे
76. राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क, हिंजेवाड़ी, पुणे।
77. नेहरू नगर, नासिक पुणे। सड़क। और बहुत सारे।

इसके अतिरिक्त, नेहरू-इंदिरा-राजीव के नाम पर 100+ राज्य और केंद्र सरकार की योजनाएं हैं।
इसलिए, यदि आप कांग्रेस को वोट नहीं देते हैं तो आप भारत को राहुल गांधी के नाम से नहीं देख पाएंगे। यह आपकी वजह से होगा कि गांधी का नाम लेने की पुरानी भारतीय परंपरा खत्म हो जाएगी। यह एक पाप होगा! इसलिए कांग्रेस को वोट देना आपका राष्ट्रीय कर्तव्य है।
1 संपादित करें:
टिप्पणियों में अनुरोधों के आधार पर, हमारे पास संजय गांधी के नाम की चीजों की सूची है।
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, मुंबई।
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, नई दिल्ली।
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ।
संजय गांधी पशु देखभाल केंद्र, नई दिल्ली।
संजय गांधी संस्थान यदि ट्रामा और आर्थोपेडिक्स (SGITO), बैंगलोर।
संजय गांधी अस्पताल, जयनगर, बैंगलोर।
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, रीवा, मप्र।
पर्यावरण और पारिस्थितिकी में संजय गांधी पुरस्कार
संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना।
संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना।
संजय गांधी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बेल्लारी
संजय गांधी पॉलिटेक्निक कॉलेज, जगदीश पुर, अमेठी
संजय गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बैंगलोर।
संजय गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बैंगलोर।
संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज, रांची।
संजय गांधी महिला कॉलेज, गया
संजय गांधी सरकार। स्वायत्त पीजी कॉलेज, सीधी, मप्र।
संजय गांधी कॉलेज, शिमला।
संजय गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सुल्तानपुर, दिल्ली।
संजय गांधी कॉलेज और अनुसंधान केंद्र, विदिशा, मप्र।
संजय गांधी बीएड कॉलेज, विदिशा, मप्र।
संजय गांधी सर्वोदय साइंस कॉलेज, जबलपुर।
संजय गांधी इंटर कॉलेज, सारण, बिहार।
संजय गांधी कॉलेज ऑफ लॉ, जयपुर।
संजय गांधी मेमोरियल गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, हैदराबाद।
संजय गांधी पीजी कॉलेज, सुरपुर, मेरठ, यूपी।
संजय गांधी स्टेडियम, पटना।
संजय गांधी स्टेडियम, नरसिंहगढ़, म.प्र।
संजय गांधी मार्केट, जालंधर।
संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली।

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