चार जीन खोजे गए हैं। इनका नाम है - SP110, AGBL2, SUCLA2, and APH1B
तुम लोग नाम के चक्कर में न पड़ो। वो हम वैज्ञानिको पर छोड़ दो।
तुम लोग बस यह जानो कि ये चारों जीन जब डिफेक्टेड हो जाते हैं तो इंसान सुसाइड कर लेता है। यह वैज्ञानिक सिद्ध सत्य है।
इनके अलावा 18 जीन और हैं जिनमें गड़बड़ होने पर इंसान आत्महत्या करता ही करता है।
जीन में क्या गड़बड़, क्यूँ गड़बड़, कैसी गड़बड़ यह सब भी आप हम वैज्ञानिको पर छोड़ दो।
आपको जो जानना है वो यह है कि इन 18 आत्महत्या से सम्बंधित जीनों में से 15 inflammation अर्थात (इसको आप आंतरिक शोथ, रेडनेस, सूजन जैसा कुछ कह सकते हैं) से सम्बंधित हैं। मतलब यह कि जब शरीर में अंदर ही अंदर inflammation हो जाते हैं तो ये सुसाइड के जीन एक्टिवेट हो जाते हैं।
सीधी सी बात है कि शरीर का आंतरिक inflammation सुसाइड को प्रेरित करता है।
और जैसा कि आपको विदित है, हल्दी दूध (वो भी गौ माता का) inflammation के लिए अमृत समान है। आंतरिक शोथ, सूजन, रेडनेस इत्यादि को तुरंत हील करता है।
मतलब साफ है, हल्दी दूध सुसाइडल मेंटेलिटी का अद्भुत इलाज है।
अगर ये वाले हीरो जी गलती से ही सही, हल्दी दूध पी रहे होते तो आत्महत्या न करते।
इनकी छोड़ो। पूरे विश्व में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है। 10 लाख लोग हर साल आत्महत्या कर लेते हैं। इन 10 लाख में से 30% अर्थात 3 लाख भारत और चीन में प्रतिवर्ष आत्महत्या कर लेते हैं।
इन 10 लाख लोगों को रोज हल्दी दूध दिया जाए तो इनको असमय मृत्यु से बचाया जा सकता है।
यह है भारतीय आयुर्वेद का विज्ञान कनेक्शन। बाकी सब माया है। और माया हम जैसे आयुर्वेद के सेवको के पास नहीं मैक्स वालों के पास जाती है। भाई, मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर इस पोस्ट को पढ़ने के बाद कोई मायापति एन्टी सुसाइडल पीले पीले गौ मिल्क का 50 ml का पैक लांच कर दे जिसको आप 200 रुपये का खरीदकर अपने डिप्रेस्ड होनहार को पिलाना चाहें।
डा.अमरनाथ कश्यप
नेचुरोपैथीस्ट कानपुर
मो. 9651790505

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