Friday, September 11, 2020

बिहारियों को मुंबई से भगाने वाला ठाकरे परिवार खुद बिहारी है


 मुंबई की राजनीति में अगर आप जरा भी दिलचस्पी रखते हैं तो ठाकरे परिवार का नाम आपने जरूर सुना होगा। हम उसी ठाकरे परिवार की बात कर रहे हैं जो आए दिन अखबारों की सुर्खियों में बने रहते हैं। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ये ऐसा नाम है जो मुम्बई वासियों के जुबां पर हमेशा ही आता रहता है। राज ठाकरे के हिस्से में है शिव सेना तो वहीं उद्धव ठाकरे के हिस्से में है महाराष्ट्र नव निर्माण सेना। ये दोनों बंधु महाराष्ट्र की अस्मिता पर अपनी राजनीति करते हैं।

दरअसल हाल ही में एक किताब लॉन्च हुई है जो कि पूरी तरह से ठाकरे परिवार पर बेस्ड है या यूँ कह ले कि ठाकरे बंधुओं का पूरा ऐतिहासिक परिचय इस किताब में दिया है। लेकिन इन सब के बीच कुछ खुलासे ऐसे भी हुए जिसे जानने के बाद हर कोई दंग रह जाएगा।

 सबसे पहले जान लेते उस किताब के बारे में जिसमें इनके बारे में कई खुलासे हुए है, उस किताब का नाम है The cousins Thackeray: Uddhav Raj and The Shadow of their senas इसके लेखक हैं पत्रकार धवल कुलकर्णी। इस किताब में दावा किया गया है वो यह कि बिहारियों को मुम्बई से बाहर निकलने वाले ठाकरे खुद बिहारी हैं। जी हां ये सुनकर आपको हैरानी जरूर हो रही होगी पर इस किताब की मानें तो यही सच है।

 आपने कई बार ये खबरें सुनी होंगी की ठाकरे द्वारा मुम्बई से यूपी व बिहारियों को बाहर निकाला जा रहा है पर उस दौरान आपको ये नहीं पता होगा कि ऐसा विरोधिपन दिखाने वाले ये ठाकरे बंधु खुद बिहारी ही हैं। इस किताब में राज ठाकरे व उद्धव ठाकरे के दादा केशव सीताराम ठाकरे की भी चर्चा की गई है जिसमें बताया गया है कि ठाकरे परिवार मूल रूप से चंद्रसेनी कायस्थ परिवार से संबंध रखता है। अगर आप इतिहास पर थोड़ा टटोलेंगे तो जान पाएंगे कि चंद्रसेनी कायस्थ परिवार के लोग मगध से जुड़े होते थे जो की बिहार के अंदर ही आता है।

 इस समुदाय के लोगों ने काफी लंबे समय तक मगध में निवास किया, पर आगे चलकर व्यपार, युद्ध या फिर अन्य काम के लिए ये मगध से बाहर चले गए। देखते ही देखते महाराष्ट्र में इनकी संख्या ज्यादा हुई और इनकी रिहायशी भी मजबूत हो गयी। अब इसी बात को लेकर बवाल हो रहा है कि अगर ठाकरे बंधु मूलरूप से मगध से संबंध रखते हैं तो अपनी ताकत व रिहायशी के बल पर मजदूरी करने वाले व गरीब तबके के लोग जो बिहारी मुम्बई में निवास कर रहे थे उनके खिलाफ ऐसा व्यवहार करना कितना जायज है।

इतना ही नहीं की रिपोर्टों में तो ये भी सामने आया था कि ये लोग यूपी बिहार से आये लोगों को मारकर, डरा धमकाकर बाहर निकाल रहे थें जिसका वीडियो भी सामने आया था लेकिन इस खुलासे के होने के बाद कई विपक्षी दल के नेता इसपर सवाल उठाने लगे कि खुद बिहार से होकर आप ऐसा कैसे कर सकते है?


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